भागवत पुराण में वर्णित गज-ग्राह के युद्ध में स्वयं भगवान विष्णु ने यहाँ आकर अपने भक्त गजराज को जीवनदान और शापग्रस्त ग्राह को मुक्ति दी थी। गंगा और गंडक के पवित्र संगम पर बसे कौनहारा घाट की महिमा हिंदू धर्म में अन्यतम है। गज की प्रार्थना सुनकर ग्राह को अपने सुदर्शन चक्र से काट दिया था। गज-ग्राह के लड़ाई में कौन जीता, कौन हारा? तभी से इस घाट को कौनहारा घाट कहने लगे...
फोटोग्राफी व लेखन : संजय कुमार
फोटोग्राफी व लेखन : संजय कुमार

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